असली बिनौला खल की पहचान क्यों ज़रूरी है?
बाजार में कई बार मिलावटी या घटिया क्वालिटी की बिनौला खल बेची जाती है जिसमें धूल, मिट्टी, भूसा या अन्य सस्ते पदार्थ मिलाए जाते हैं। यह नकली खल न सिर्फ पशुओं को पोषण नहीं देती बल्कि उनकी सेहत खराब कर सकती है। इसलिए असली बिनौला खल की पहचान करना हर पशुपालक के लिए ज़रूरी है।
रंग और बनावट (Color & Texture)
असली बिनौला खल का रंग हल्का भूरा (light brown) से लेकर सुनहरा-भूरा (golden-brown) होता है। खल दानेदार (granular) होनी चाहिए और उसमें छोटे-छोटे रेशे दिखने चाहिए। अगर खल का रंग बहुत गहरा भूरा या काला है, या उसमें सफेद पाउडर (जो चूना या मिट्टी हो सकता है) दिखता है, तो यह मिलावटी हो सकती है। असली खल हाथ में लेने पर तैलीय (oily) लगती है।
गंध से पहचान (Smell Test)
असली बिनौला खल में हल्की अखरोट जैसी महक (nutty aroma) होती है। अगर खल से फफूंदी (moldy) या बासी (rancid) गंध आ रही है, तो यह खराब हो सकती है या पुरानी है। अगर खल में मिट्टी या धूल जैसी गंध है, तो यह मिलावटी हो सकती है। हमेशा खरीदने से पहले खल को सूंघकर देखें।
पानी टेस्ट (Water Test)
एक गिलास साफ पानी में थोड़ी सी खल डालें। असली बिनौला खल पानी में नहीं घुलती — यह नीचे बैठ जाएगी और पानी हल्का भूरा हो जाएगा। अगर पानी तुरंत गंदला या सफेद हो जाता है, या खल पानी में घुलने लगती है, तो इसमें मिट्टी, चूना या अन्य मिलावट हो सकती है। पानी की ऊपरी सतह पर तेल की हल्की परत दिखनी चाहिए — यह खल की असली तेल सामग्री का संकेत है।
खरीदते समय ध्यान रखें
हमेशा पैकेट बंद और सीलबंद खल खरीदें। खुली या लूज़ खल में मिलावट का खतरा अधिक होता है। पैकेट पर MFG (निर्माण तिथि) और EXP (समाप्ति तिथि) ज़रूर देखें। दो Bhai की बिनौला खल 100% शुद्ध, सीलबंद पैकेट में आती है और हर बैच की गुणवत्ता जांची जाती है। फफूंद लगी, नम या बदबूदार खल न खरीदें।
